संक्षेप: घर पर पारंपरिक बाटी चोखा बनाने की विस्तृत विधि
बाटी चोखा भारतीय भोजन का एक अनमोल रत्न है, जिसे मुख्य रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से पसंद किया जाता है। इसकी विशिष्टता न केवल इसके अनोखे स्वाद में है, बल्कि इसमें छुपी भारतीय परंपरा और इतिहास की झलक भी है। यह व्यंजन अपने सादगीपूर्ण निर्माण और पोषण मूल्य के कारण भी लोकप्रिय है। बाटी चोखा में बाटी को घी में डुबोकर परोसा जाता है, जबकि चोखा में भुने हुए बैंगन, टमाटर, और मसालों का स्वादिष्ट मिश्रण होता है। यह लेख आपको घर पर बाटी चोखा बनाने की प्रत्येक प्रक्रिया को विस्तार से समझाएगा।
सामग्री:
बाटी के लिए:
- 2 कप गेहूं का आटा (चोकर सहित)
- ½ कप सूजी (खस्ता बनाने के लिए)
- 4 बड़े चम्मच घी (मोयन के लिए)
- ½ चम्मच अजवाइन (स्वाद और पाचन के लिए)
- नमक स्वादानुसार
- पानी (आटा गूंथने के लिए)
चोखा के लिए:
- 2 मध्यम आकार के बैंगन (भूनने के लिए)
- 4 मध्यम आकार के टमाटर
- 3-4 उबले आलू (मसले हुए)
- 2-3 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई)
- 1 मध्यम आकार का प्याज (बारीक कटा हुआ)
- 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल (प्रामाणिक स्वाद के लिए)
- 2-3 लहसुन की कलियां (कटी हुई)
- नमक और नींबू रस स्वादानुसार
- हरा धनिया (गार्निश के लिए, बारीक कटा हुआ)
बाटी बनाने की विधि:
1. सामग्री तैयार करें:
एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा, सूजी, घी, अजवाइन और नमक मिलाएं। सुनिश्चित करें कि घी पूरी तरह से आटे में मिल जाए ताकि बाटियां अधिक खस्ता और स्वादिष्ट बनें।
2. आटा गूंथें:
पानी की मदद से सख्त लेकिन लचीला आटा गूंथ लें। इसे 15-20 मिनट के लिए गीले कपड़े से ढककर रखें ताकि यह ठीक से सेट हो जाए।
3. बाटी आकार दें:
आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें गोल आकार दें। हर लोई के बीच हल्का गड्ढा बनाएं ताकि पकने के दौरान यह समान रूप से तैयार हो।
4. ओवन में बेकिंग:
ओवन को पहले से 180°C पर गरम कर लें। बाटियों को बेकिंग ट्रे पर रखें और 20-25 मिनट तक बेक करें। हर 10 मिनट पर बाटियों को पलटते रहें ताकि वे चारों ओर से सुनहरी और कुरकुरी हो जाएं।
5. घी में डुबोएं:
पकी हुई बाटियों को गरम घी में डुबोएं और फिर एक अलग बर्तन में निकाल लें। यह प्रक्रिया उन्हें अधिक स्वादिष्ट बनाती है।
चोखा बनाने की विधि:
1. भूनाई की तैयारी:
बैंगन और टमाटर को सीधा गैस के फ्लेम पर भूनें। भूनते समय इन्हें लगातार पलटते रहें ताकि यह हर तरफ से समान रूप से पकें।
2. छीलकर गूदा निकालें:
भुने हुए बैंगन और टमाटर को ठंडा होने दें। फिर उनका छिलका उतारें और गूदे को एक बड़े बर्तन में डालें।
3. सामग्री मिलाएं:
उबले हुए आलू को अच्छी तरह से मैश करें और उन्हें बैंगन-टमाटर के मिश्रण में मिला दें। इसके बाद, बारीक कटी हरी मिर्च, प्याज, लहसुन, सरसों का तेल, नमक और नींबू रस डालें।
4. चोखा तैयार करें:
सभी सामग्रियों को अच्छे से मिलाकर एक स्मूद और फ्लेवरफुल चोखा तैयार करें। इसे अंत में हरे धनिये से सजाएं।
परोसने का तरीका:
1. थाली सजाएं:
एक परोसने वाली थाली में गरम बाटी, चोखा, दही और हरी धनिया की चटनी को खूबसूरती से सजाएं।
2. साइड डिश:
इसके साथ गुड़, हरी मिर्च अचार, या पुदीने की चटनी परोस सकते हैं। यह स्वाद और आनंद को और बढ़ाएगा।
3. त्योहारों पर परोसें:
इस व्यंजन को त्योहारों, खासकर होली और दिवाली जैसे अवसरों पर परोसना अधिक प्रासंगिक है।
महत्वपूर्ण सुझाव:
भूनने का तरीका: बैंगन और टमाटर को भूनते समय उन पर थोड़ा सा तेल लगा लें। यह उन्हें जलने से बचाता है और भूनाई को आसान बनाता है।
बाटी पकाने के विकल्प: अगर ओवन उपलब्ध न हो, तो बाटियों को तंदूर या कढ़ाई में कोयले पर भी पकाया जा सकता है।
चोखा का वैकल्पिक स्वाद: चोखा में अदरक, सरसों का पाउडर या हरी धनिया की मात्रा बढ़ाकर इसे अधिक स्वादिष्ट बनाया जा सकता है।
निष्कर्ष:
बाटी चोखा एक ऐसा व्यंजन है, जो न केवल स्वाद और परंपरा का संगम है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। इसे बनाने की प्रक्रिया सरल है, और इसका स्वाद हर किसी को पसंद आएगा। यह रेसिपी आपको न केवल खाने का आनंद देगी, बल्कि भारतीय भोजन की समृद्धि का अनुभव भी कराएगी।
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